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ऐसा नहीं है कि हिन्दी में अच्छे ब्लॉग लिखने वालों की कमी है। हिन्दी में लोग एक से एक बेहतरीन ब्लॉग्स लिख रहे हैं। पर एक चीज़ की कमी अक्सर खलती है। जहां ब्लॉग पर अच्छा कन्टेन्ट है वहां एक अच्छी क्वालिटी की तस्वीर नहीं मिलती और जिन ब्लॉग्स पर अच्छी तस्वीरें होती हैं वहां कन्टेन्ट उतना अच्छा नहीं होता। मैं साहित्यकार के अलावा एक ट्रेवल राइटर और फोटोग्राफर हूँ। मैंने अपने इस ब्लॉग के ज़रिये इस दूरी को पाटने का प्रयास किया है। मेरा यह ब्लॉग हिन्दी का प्रथम ट्रेवल फ़ोटोग्राफ़ी ब्लॉग है। जहाँ आपको मिलेगी भारत के कुछ अनछुए पहलुओं, अनदेखे स्थानों की सविस्तार जानकारी और उन स्थानों से जुड़ी कुछ बेहतरीन तस्वीरें।

उम्मीद है, आप को मेरा यह प्रयास पसंद आएगा। आपकी प्रतिक्रियाओं की मुझे प्रतीक्षा रहेगी। आपके कमेन्ट मुझे इस ब्लॉग को और बेहतर बनाने की प्रेरणा देंगे।

मंगल मृदुल कामनाओं सहित आपकी हमसफ़र आपकी दोस्त

डा० कायनात क़ाज़ी

चित्ररंजन पार्क में दुर्गा पूजा की तैयारियाँ

  हार श्रृंगार के पेड़ों पर कलियाँ चटख़ने लगी हैं, सूर्य देव भी थोड़े थके से जान पड़ते हैं, हवा में रात की रानी की खुशबु बहने लगी है, तन को जलाने वाली गर्म हवाएँ अब शान्त हो गई हैं, शाम होते ही सूरज टप्प से छुपने लगा है। यह आहट है शरद ऋतु के आगमन की और देश भर...

Haritage walk-Phool Mandi

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हैरिटेज वॉक: फूल मंडी    जिंदिगी में ऐसा बहुत बार होता है कि हम दूर दराज़ की जगह तो देख आते हैं पर ऐसी कई  देखने लायक जगह नज़दीक में ही होती हैं पर हम उनके  टाइम ही नहीं निकाल  पाते। या यूँ कहें की कभी सोचते ही नहीं की यहाँ भी कभी जाना चाहिए। ऐसी ही कुछ अनछुई जगहों पर...

एक बार ज़रूर जाएं: रणथम्बोर टाइगर रिज़र्व रणथम्बोर राष्ट्रीय उद्यान

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एक बार ज़रूर जाएं: रणथम्बोर टाइगर रिज़र्व/रणथम्बोर राष्ट्रीय उद्यान       हम सभी ने अपने बचपन में टाइगर को चिड़िया घर में  देखा होगा। जंगल के राजा शेर को सर्कस के पिंजरे में दहाड़ते हुए भी देखा होगा पर जंगली जानवरों को खुले जंगल में देखना बहुत अलग अनुभव है। जंगल की प्राकृतिक छठा में  टाइगर को राजा की तरह शान से विचरण...

भोपाल के आस पास भी बहुत कुछ है ख़ास

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  भोपाल के आस पास भी बहुत कुछ है ख़ास   मैं एक फोटोग्राफर और साहित्यकार हूं. घूमने-फिरने का शौक बचपन से है. हमने बचपन में बहुत सारे शहर देखे और आज भी मैं अपने देश की विविधता पर मोहित हूं. आप किसी भी दिशा में निकल जाएं,देश के किसी कोने में चले जाएं, आपको हमेशा कुछ नया, कुछ अनोखा...

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