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ऐसा नहीं है कि हिन्दी में अच्छे ब्लॉग लिखने वालों की कमी है। हिन्दी में लोग एक से एक बेहतरीन ब्लॉग्स लिख रहे हैं। पर एक चीज़ की कमी अक्सर खलती है। जहां ब्लॉग पर अच्छा कन्टेन्ट है वहां एक अच्छी क्वालिटी की तस्वीर नहीं मिलती और जिन ब्लॉग्स पर अच्छी तस्वीरें होती हैं वहां कन्टेन्ट उतना अच्छा नहीं होता। मैं साहित्यकार के अलावा एक ट्रेवल राइटर और फोटोग्राफर हूँ। मैंने अपने इस ब्लॉग के ज़रिये इस दूरी को पाटने का प्रयास किया है। मेरा यह ब्लॉग हिन्दी का प्रथम ट्रेवल फ़ोटोग्राफ़ी ब्लॉग है। जहाँ आपको मिलेगी भारत के कुछ अनछुए पहलुओं, अनदेखे स्थानों की सविस्तार जानकारी और उन स्थानों से जुड़ी कुछ बेहतरीन तस्वीरें।

उम्मीद है, आप को मेरा यह प्रयास पसंद आएगा। आपकी प्रतिक्रियाओं की मुझे प्रतीक्षा रहेगी। आपके कमेन्ट मुझे इस ब्लॉग को और बेहतर बनाने की प्रेरणा देंगे।

मंगल मृदुल कामनाओं सहित आपकी हमसफ़र आपकी दोस्त

डा० कायनात क़ाज़ी

लोक नृत्य, कला और प्रकृति की सौगात-संगाई फेस्टिवल, इम्फाल मणिपुर

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 लोक नृत्य, कला और प्रकृति की सौगात-संगाई फेस्टिवल, इम्फाल मणिपुर दिल्ली से मणिपुर तक का सफ़र लंबा है। यहाँ तक पहुँचने के दो ही साधन हैं, या तो बस या फिर फ्लाइट। पहाड़ों की दूर दूर तक फैली क़तारों को पर करके मणिपुर आता है। मुझे जब मणिपुर टूरिज़्म से संगाई महोत्सव न्योता आया तो जाना तो बनता ही था।...

कुम्भलगढ़ फेस्टिवल की छटा है निराली

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कुम्भलगढ़ फेस्टिवल की छटा है निराली Gair Dance at Kumbhalgarh Festival सच कहूँ तो पहले कभी सुना नही था मैंने यह नाम। कुम्भलगढ़ को जानती ज़रूर थी लेकिन उसके विशालतम दुर्ग के लिए न कि फेस्टिवल के लिए, और इतना जानती थी कि ग्रेट वाल ऑफ़ इंडिया भी यहीं है।  राजस्थान टूरिज़्म की तरफ से जब न्योता आया तो जिज्ञासा हुई...

Switzerland of North East of India- Manipur

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उत्तर पूर्व का स्विट्ज़रलैंड मणिपुर कोलकाता से उड़ान भर कर जैसे ही हवाई जहाज़ नॉर्थ ईस्ट की ओर आगे बढ़ता है नीचे का नज़ारा बदलने लगता है। हरयाली से भरे मख़मली पहाड़ किसी स्वप्नलोक से जान पड़ते हैं।  ऐसा लगता है कि जैसे एलिस इन वंडरलैंड की दुनिया की ओर खिंचे चले जाते हों। यह पहाड़ कोई और नही बल्कि हिमालय के...

दा ग्रेट हिमालय कॉलिंग….पहला दिन

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The great Himalayas calling Day-1 हमारे देश का गौरव है-दा ग्रेट हिमालय. यह सदियों से कितने ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. साधु संतों को, वैरागियों को, पर्वतारोहियों को और मुझ जैसे राहगीरों को... हर इंसान की तलाश अलग..खोज अलग..कोई ढूंढ़ता आता है शांति,  तो कोई खोज रहा है मोक्ष.. तो कोई प्रकृति की सुंदरता मे बस खो जाना चाहता है...  दा ग्रेट...

A showcase of exotic handicrafts by women of Rural India-Saras Mela 2017

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हुनरमंद महिलाओं के संघर्ष की दास्ताँ - सरस मेला-2017 हर साल दिल्ली में आयोजित ट्रेड फेयर में देश दुनिया से आए हुनरमंदों की कला के दर्शन होते ही हैं लेकिन इस बार कुछ ऐसा देखने को मिला जिसकी चर्चा किये बिना नहीं रहा जा सकता है। अलग-अलग राज्यों के पेवेलियन के बीच मुस्कुराते स्टॉल सरस मेला 2017 का हिस्सा हैं। इन...

दा ग्रेट हिमालय कॉलिंग….दूसरा दिन

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इस सीरीज़ की पिछली पोस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें:पहला दिन-दिल्ली से जिभी The great Himalayas calling Day-2 दूसरा दिन  रात को बहुत अच्छी नींद आई. पहाड़ी रास्तों पर दिन भर ट्रेवल करने के बाद कहीं जंगल मे कोई आपके लिए नर्म मुलायम बिस्तर बिछाए मिल जाए तो ऐसा लगता है जैसे आप की मां खुद यहाँ आपकी थकान का अहसास करके...

Power packed NEHRU TROPHY BOAT RACE, Allahpuzha, Kerala

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नेहरू ट्रॉफी बोट रेस अलप्पुज़हा, केरला कोचीन से 80 किलोमीटर दूर एक छोटा-सा शहर है अलप्पुज़ा, लेकिन यह शहर पूरी दुनिया मे मशहूर है।  आप सोचते होंगे ऐसी क्या बात है यहाँ। जी हाँ, आज हम आप को ले आए हैं ऐसे ही एक उत्सव मे जिसकी धूम पूरी दुनिया मे होती है। इसका कारण है यहाँ हर साल अगस्त के...

हरिद्वार – एक यात्रा आध्यात्म और शान्ति की ओर

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  Haridwar in Blue hour भोर का नीला उजाला,पूरब में सिंदूरी लालिमा, वायु में सुगन्धी अगरबत्तियों की महक, मंदिर की घंटियाँ, दूर से आती शंखनाद, हर हर गंगे की स्वर लहरी, कलकल बहता गंगाजल और घाटों पर जुटती श्रद्धालुओं की भीड़ जैसे मेला लगा हो. यह महान द्रश्य है हरिद्वार स्थित “हर की पौड़ी” का जहाँ की सुबह रोज़ ही आध्यात्म...

रंण उत्सव-2016:रंण उत्सव तो एक बहाना है, गुजरात मे बहुत कुछ दिखाना है….

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रंण उत्सव-2016 रंण उत्सव तो सिर्फ़ एक बहाना है,  गुजरात मे बहुत कुछ दिखाना है.... यह लाइन किसी ने सही कही है, क्यूंकि रंण उत्सव के बहाने ही मैने बहुत कुछ ऐसा देख डाला जिसे देखने शायद अलग से मैं कभी आती ही नही गुजरात। इस बार मौक़ा था रंण उत्सव मे जाने का। चार दिन की मेरी यह तूफ़ानी यात्रा...

बौद्ध धर्म की उदय स्थली -सारनाथ

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  उत्तर प्रदेश कीधार्मिक तथा सांस्कृतिकनगरी वाराणसी से12 किलोमीटर  दूरअति प्राचीन नगरऔर बौद्धों कातीर्थ सारनाथ स्थितहै।  इसकानिर्माण 500 ईस्वी मेंसम्राट अशोक द्वारा249 ईसा पूर्व बनाएगए एक स्तूपव अन्य कई स्मारक केस्थान पर किया गया था।ज्ञान प्राप्त करनेके बाद यहींपर भगवान बुद्धने अपने पांचशिष्यों को पहला उपदेश दियाथा। यहाँ से ही उन्होंने"धर्म चक्र प्रवर्तन" प्रारम्भ किया। यहजैन धर्म अनुयायोंका भी धार्मिकस्थल...

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The most colourful Navratri Garba in Gujarat

नवरात्रि यूँ तो पूरे देश में बड़े ही धूम धाम से मनाई जाती है लेकिन गुजरात की नवरात्रि की बात ही कुछ और है।...